दिगम्बर जैन महासमिति जैन समाज की सर्वोच्च संस्था, समाज की संसद के रूप में जानी जाती है। विभिन्न तीर्थों एवं मंदिर कमेटियों के चल रहे विवादों का तार्किक तरीके से शमन करना और उनके प्रबंधन को आर्थिक, राजनीतिक एवं विधिक (न्यायिक) पक्ष को मजबूती प्रदान करना।
लक्ष्य-
1. सरकार एवं प्रशासन के समक्ष एक संस्था होनी चाहिए, जो दिगम्बर जैन समाज की आवाज बन सके इसके लिए आवश्यक है कि हम अपनी सदस्य संख्या एक लाख तक पहुंचाएं ताकि दिगंबर जैन महासमिति गर्व से कह सके कि वह दिगंबर जैन समाज की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है व इस हेतु महासमिति प्रयत्नशील है।
2. समाज उत्थान एवं समाज सुधार की सभी योजनाओं का सुचारू रूप से संचालन करते हुए समाज को प्रगति पथ पर ले जाने की दिशा में कार्यरत रहना।
3. केंद्र, अंचल, संभाग एवं इकाइयों के माध्यम से अलग रंग स्तर पर कार्ययोजना बनाकर समाज के सहयोग से कार्यक्रम निश्चित करना एवं उन्हें लागू करने का प्रयत्न करना।
मुख्य सूत्र-
समन्वय, सद्भावना, एवं संगठन के दिगम्बर जैन समाज की समस्याओं का हल प्राप्त करना।
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